
यमुनोत्री कैसे पहुँचे?
🚗 सड़क मार्ग (By Road)
यमुनोत्री के सबसे नज़दीकी मोटर योग्य स्थान:
👉 जानकीचट्टी (Janki Chatti)
यहीं से आगे 5–6 किमी का ट्रेक शुरू होता है।
मुख्य मार्ग:
- दिल्ली → हरिद्वार → ऋषिकेश → नरेंद्रनगर → धरासू → बड़कोट → जानकीचट्टी → यमुनोत्री
- रास्ते अच्छे हैं, लेकिन पहाड़ी मार्ग होने के कारण सावधानी आवश्यक है।
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🚂 रेल मार्ग (By Train)

सबसे पास के रेलवे स्टेशन:
- देहरादून – लगभग 210 किमी
- ऋषिकेश – लगभग 180 किमी
यहाँ से टैक्सी/बस आसानी से मिल जाती है।
✈️ हवाई मार्ग (By Air)
निकटतम हवाई अड्डा:
- जॉली ग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून – लगभग 190 किमी दूर।
🚶♂️ 2. यमुनोत्री ट्रेक जानकारी

👉 ट्रेक दूरी: 5–6 किलोमीटर
👉 शुरुआती स्थल: जानकीचट्टी
👉 ट्रेक समय: 3–5 घंटे
👉 कठिनाई स्तर: मध्यम (Moderate)
🧵 ट्रेक के साधन:
- पैदल
- खच्चर
- पालकी
- कंधी
💧 3. मौसम और यात्रा का सही समय
☀️ सर्वश्रेष्ठ समय:
- अप्रैल से जून – मौसम सुहावना
- सितंबर से अक्टूबर – मानसून के बाद सुंदर दृश्य
🌧️ बचने का समय:
- जुलाई–अगस्त (मानसून) – भूस्खलन का खतरा
- नवंबर–मार्च (सर्दी) – मंदिर बंद और अत्यधिक बर्फबारी
🛕 4. यमुनोत्री के मुख्य आकर्षण
1. यमुनोत्री मंदिर
देवी यमुना का पवित्र धाम।
2. सूर्यकुंड
उबलता हुआ गर्म जलस्रोत जहाँ प्रसाद पकाया जाता है।
3. गौरीकुंड
स्नान के लिए प्रसिद्ध प्राकृतिक कुंड।
4. यमुना नदी का पवित्र प्रवाह
मंदिर के पास से शुरू होने वाली शुद्ध धारा।
🏨 5. कहाँ ठहरें? (Hotels / Stay)
अधिकतर यात्रियों के लिए जानकीचट्टी सबसे अच्छा ठहरने का स्थान है।
यहाँ उपलब्ध हैं:
- गेस्ट हाउस
- धर्मशालाएँ
- होटल
- GMVN गेस्ट हाउस
ऊपर की तरफ (यमुनोत्री के पास) सीमित व्यवस्था मिलती है।
🍲 6. खाने-पीने की सुविधा
- जानकीचट्टी से लेकर ट्रेक मार्ग तक छोटे-छोटे ढाबे हैं।
- मंदिर के पास भी भोजन मिलता है।
- प्रसाद — सूर्यकुंड में पकाए गए चावल या आलू।
🧳 7. जरूरी सामान (Things to Carry)
- गर्म कपड़े (ऊपर काफी ठंड होती है)
- रेनकोट / छाता
- टॉर्च
- आरामदायक जूते
- पानी की बोतल
- ऊँचाई पर धूप तेज होती है—सनस्क्रीन
- व्यक्तिगत दवाइयाँ
- मोबाइल पावर बैंक
🙏 8. यात्रा के नियम और टिप्स
- सुबह जल्दी ट्रेक शुरू करें।
- चढ़ाई लगातार है—धीरे और आराम से चलें।
- मौसम अचानक बदल सकता है।
- बुजुर्गों के लिए पालकी/खच्चर बेहतर विकल्प।
- नदी किनारे सावधानी रखें।
- मंदिर में दर्शन का समय सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक (सीजन में)।
🕉️ 9. कपाट खुलने और बंद होने की तिथि
- खुलते हैं: अक्षय तृतीया (अप्रैल–मई)
- बंद होते हैं: यम द्वितीया या भाई दूज (अक्टूबर–नवंबर)
🌺 सार
यमुनोत्री यात्रा एक आध्यात्मिक, प्राकृतिक और रोमांचक अनुभव का सम्मिश्रण है।
यह यात्रा आपके मन, शरीर और आत्मा को पवित्रता और शांति से भर देती है।