
जय यमुना महारानी,
सकल भुवन की स्वामिनी।
सुर मुनि जन वंदित चरणा,
कृपा करो भगवानी।।
जय यमुना महारानी…
काली अंचल रूप तुम्हारा,
जल निर्मल सुखदायक।
पाप हरन भव-भय भाजन,
मंगल मुक्ति प्रदायक।।
जय यमुना महारानी…
संगम तट की शोभा बढ़ती,
करती पाप प्रहारी।
भक्तों की तुम नित रखवाली,
दुख हरनी सुखकारी।।
जय यमुना महारानी…
यमराज बहन करुणा सागर,
सूर्यदेव की दुलारी।
स्मरण करूँ मैं नित तुमको,
पूर्ण करो मन-वांछा हमारी।।
जय यमुना महारानी…
आरति मां की जो गाता,
मनवांछित फल पाता।
सुख-शांति घर में भरपूर,
हर संकट मिट जाता।।
जय यमुना महारानी…
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